ऐ ज़िन्दगी मुझको थोड़ा सा मुझमें बाकी रहने दे !
जिंदगी से शिकवा नहीं, हर एक पल का आभार है।
तब पता चलेगा बेवफाई में माफी क्यों नहीं होती..!!!
जिंदगी जीना एक कला है, जो समझ जाए वही नवाब है।
मैं ज़िंदा तो रहा मगर ज़िंदों में न रहा!
जो प्रेम में रहते हैं वह छल नहीं समझ पाते
खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं
इस दौर में मासूमियत मुझे महंगी पड़ रही है!
तजुर्बा इंसान को गलत फैंसलो से बचाता है,
जिसे माँगने से पहले ही खुदा ने दे दिया।”
जब टूटते हैं तो दिल Life Shayari in Hindi के साथ-साथ आत्मा भी टूट जाती है।
हासिल-ए-जिंदगी हसरतों के सिवा और कुछ भी नहीं
मुसीबतें आएंगी, पर हर जश्न में कुछ खास होता है।
जब से तुम मेरे जिन्दगी में आयें हो मुहब्बत बनकर मेरे रूह में समायें हो !